फूलो की खुशबू को तराशना हम ना जाने हम जोहरी भी नहीं जो हीरे की कीमत को पहचाने | हीरे […]
राही थे वो अनजान राहों पर पलट कर देखना शयद भूल गए पर स्याही से एक पुल बाँधी थी जिसको […]