Geetha Jayakumar

A Computer Programmer By Profession, Homemaker by Choice and Poetess by Passion

एक शाम आपके नाम !

एक शाम आपके नाम !

July 29, 2024

फूलो की खुशबू को तराशना हम ना जाने
हम जोहरी भी नहीं जो हीरे की कीमत को पहचाने |
हीरे की चमक कभी भी छुप नहीं सकती
वो निखार कर आती है मीलों दूर से |

आपके कदम जब इस रंग मंच पर पड़े
धीमी बारिश की अंगड़ाइयां में लिपट कर
छम छम करती आपकी पायल
एक अजीब सी गुनगुनाहट करती,
भीनी खुशबू की महक लिए,
जब इस मंच पर थिरकाए,
हमारे इस शाम को एक सुनहरी यादों में बदल दें।

कला की कीमत अनमोल होती है
जब वो एक कलाकार बन कर निखार आती है
काला हो हम ना कभी कलाकार से अलग कर सकते हैं
कला तो रग रग में बसी है एक कलाकार में
उनकी महक चारो और फेलती है
ऊंचाइयों की शिखर तक
उन्हें हमें सराहना चाहिए एक तालियों की कड़कड़ाहट से |

©ALL RIGHTS RESERVED BY GEETHA JAYAKUMAR 2014


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Navigation

About

Quick Links

Quick Contact

Trivandrum

Kerala, India.

Email: info@geethajayakumar.com